केंद्रीय मंत्री अठावले का कहना है कि वीएचपी का मुसलमानों को नवरात्रि कार्यक्रमों से रोकने का आह्वान ‘संविधान के खिलाफ’ है

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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बुधवार को नवरात्रि उत्सव के दौरान मुसलमानों को ‘गरबा’ कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकने के आह्वान का विरोध किया और कहा कि भारत संविधान द्वारा शासित है, जो सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकारों की गारंटी देता है।

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। ((एएनआई फोटो))
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। ((एएनआई फोटो))

महाराष्ट्र में मुसलमानों को नवरात्रि कार्यक्रमों से प्रतिबंधित करने के विश्व हिंदू परिषद के आह्वान के बारे में पूछे जाने पर अठावले ने कहा कि ऐसा रुख उचित नहीं है क्योंकि विभिन्न धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के त्योहारों में भाग लेने का अधिकार है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचने के बाद यहां स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह रुख सही नहीं है क्योंकि भारत संविधान पर चलता है। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान सभी धर्मों के लिए न्याय सुनिश्चित करता है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, लिंगायत, पारसी और कई अन्य धर्मों के लोग भारत में रहते हैं और संविधान सभी धर्मों की रक्षा करना चाहता है।”

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रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख अठावले ने कहा, “यह कहना अच्छा नहीं है कि मुसलमानों को गरबा में शामिल नहीं होना चाहिए। हिंदू और मुस्लिम समुदायों को एक साथ आने और देश के लिए काम करने की जरूरत है।”

उन्होंने राजस्थान में अजमेर शरीफ दरगाह का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में हिंदू इस दरगाह पर आते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारा देश ऐसा है कि सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के त्योहारों में भाग लेना चाहिए। हम ऐसा रुख अपनाने वालों का विरोध करते हैं। ऐसा रुख संविधान के खिलाफ है।”

विहिप ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि उत्सव के दौरान मुसलमानों को पूरे महाराष्ट्र में ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ स्थलों पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसने आयोजकों के लिए “दिशानिर्देश” जारी किए हैं कि वे नवरात्रि के ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों के आधार कार्ड की जांच करके और उनके माथे पर ‘तिलक’ लगाकर उनकी पहचान सत्यापित करें।

महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने सोमवार को विहिप का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान “लव जिहाद” के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सवों में उपस्थित लोगों को पहचान जांच से गुजरना चाहिए और प्रवेश से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

‘लव जिहाद’ एक शब्द है जिसका इस्तेमाल दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा मुस्लिम पुरुषों द्वारा महिलाओं (ज्यादातर हिंदू समुदाय से) को धर्म परिवर्तन के लिए रिश्तों में फंसाने की साजिश का आरोप लगाने के लिए किया जाता है।

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